अमृतसर की 59 वर्षीय गीतांजलि ओम प्रकाश ने मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित ग्रैंड फिनाले में मिसेज इंटरनेशनल वर्ल्ड कलासिक 2026 का प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खिताब जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित किया है। अमृतसर पहुंचने पर शहर निवासियों द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनहोंने बताया कि यह प्रतियोगिता काफी चुनौतीपूर्ण थी जिसमें लगभग 32 देशों से प्रतियोगी शामिल हुए।
उन्होंने इस प्रतियोगिता के सभी चरणों- पर्सनल इंटरव्यू, स्विमसूट राउंड, नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड और इवनिंग गाउन राउंड में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी शालीनता, आत्मविश्वास और दमदार व्यक्तित्व से जजों को प्रभावित किया। मिसेज इंटरनेशनल वर्ल्ड क्लासिक के ताज के साथ-साथ उन्हें “मिसेज एम्पावरमेंट” का विशेष सम्मान और “मोस्ट एग्जाटिक नेशनल कास्टयूम” का खिताब भी मिला।
उन्होंने बताया कि उनका सामाजिक कार्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, खासकर वंचित वर्गों से आने वाली महिलाओं के लिए अवसर पैदा करने पर केंद्रित है। साथ ही, वे युवा पीढ़ी के लिए कौशल आधारित अवसरों को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।
गीतांजलि ने बताया कि इससे पहले मिसेज इंडिया प्रतियोगिता में फर्स्ट रनर अप रहीं, जिसमें भाग लेने के लिए उनकी बहू ने प्रेरित किया और वह आगे बढ़ती रहीं। उन्होंने बताया कि उनका जीवन सफर आसान नहीं रहा। 32 वर्ष की उम्र में रूमेटॉइड आर्थराइटिस के कारण वह कई महीनों तक बिस्तर पर रहीं। एक समय ऐसा भी आया जब दोबारा चलने की उम्मीद भी धुंधली लगने लगी थी, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय हिम्मत को चुना। इसी अनुभव ने उन्हें यह सिखाया कि- “मुश्किलें हमें नहीं परिभाषित करतीं, बल्कि उनका सामना करने का हमारा तरीका हमें परिभाषित करता है।”
आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर ताज पहनकर वह शक्ति, धैर्य और आत्म-नवीनता की मिसाल बन चुकी हैं। खासकर उन महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं, जिन्हें उम्र के कारण कम आंका जाता है।

