अमृतसर: मोटापा, मधुमेह (डायबिटीज) और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते बोझ को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लिवासा हॉस्पिट्ल्स (Livasa Hospitals) ने अमृतसर स्थित अपने अस्पताल में डा. आशीष सिन्हा, सीनियर कंसल्टेंट– इंटरनल मेडिसिन एवं डायबिटीज के नेतृत्व में इंटीग्रेटेड डायबिटीज, मोटापा एवं वेट क्लिनिक की शुरुआत की है। जागरूकता सत्र का नेतृत्व डा. आशीष सिन्हा ने किया, जिसमें डाइटीशियन सुश्री डेन्सी भी शामिल रहीं। सत्र में वजन प्रबंधन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के लिए वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित और टिकाऊ उपायों पर चर्चा की गई।
सभा को संबोधित करते हुए डा. आशीष सिन्हा ने कहा कि मोटापा एक जटिल और दीर्घकालिक बीमारी है, जो शारीरिक, आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होती है तथा यह केवल इच्छाशक्ति की कमी का परिणाम नहीं है। उन्होंने कहा कि मोटापे के प्रभावी प्रबंधन के लिए बहु-विषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण आवश्यक है, जिसका उद्देश्य अस्थायी वजन घटाने के बजाय दीर्घकालिक और स्थाई परिणाम प्राप्त करना है।
सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने आधुनिक मोटापा प्रबंधन के चार प्रमुख स्तंभों पर चर्चा की। इनमें मेडिकल न्यूट्रिशन थेरेपी शामिल है, जिसमें नियंत्रित कैलोरी और पोषक तत्वों से भरपूर आहार पर ध्यान दिया जाता है; शारीरिक गतिविधि, जिसमें प्रति सप्ताह कम से कम 150 मिनट का मध्यम व्यायाम और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग शामिल है; व्यवहार संशोधन, जिसमें काउंसलिंग और कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी के माध्यम से भावनात्मक खानपान और तनाव से जुड़ी आदतों पर नियंत्रण किया जाता है; तथा उन्नत उपचार विकल्प, जिनमें दवाइयों और बैरिएट्रिक सर्जरी जैसे विकल्प शामिल हैं।
डॉ. आशीष सिन्हा ने कहा कि शरीर के वजन में केवल 5–10% की कमी भी मेटाबॉलिक स्वास्थ्य, ब्लड शुगर नियंत्रण और हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है। उन्होंने मोटापा और डायबिटीज से जूझ रहे लोगों को व्यक्तिगत और वैज्ञानिक रूप से तैयार उपचार योजना के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित किया।
लिवासा हॉस्पिटल्स के सीईओ अनुराग यादव ने कहा, “इंटीग्रेटेड डायबिटीज, मोटापा एवं वेट क्लिनिक की शुरुआत के साथ, लिवासा हॉस्पिटल अमृतसर निवारक और जीवनशैली आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रहा है। मोटापा और डायबिटीज आज की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल हैं और इस समर्पित क्लिनिक के माध्यम से हमारा उद्देश्य व्यापक, बहु-विषयक और मरीज-केंद्रित देखभाल प्रदान करना है, जिससे लोग स्वस्थ जीवन जीने के लिए सशक्त बन सकें।”
सीनियर वाइस प्रेसिडेंट– ऑपरेशंस जतिंदर अरोड़ा ने कहा, “मोटापा और डायबिटीज जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों के लिए समय पर उपचार के साथ-साथ निरंतर जागरूकता और निवारक स्वास्थ्य पहल भी आवश्यक है। इस इंटीग्रेटेड क्लिनिक के माध्यम से हम क्लीनिकल विशेषज्ञता, पोषण संबंधी मार्गदर्शन, व्यवहारिक सहयोग और उन्नत उपचार विकल्पों को एक साथ ला रहे हैं ताकि मरीज अपने स्वास्थ्य को बेहतर ढंग से संभाल सकें और दीर्घकालिक परिणामों में सुधार हो सके।”
फैसिलिटी डायरेक्टर राजीव कुंद्रा ने कहा, “यह क्लिनिक विशेषज्ञ डॉक्टरों, डाइटीशियन, लाइफस्टाइल विशेषज्ञों और उन्नत उपचार पद्धतियों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराता है। हमारा उद्देश्य मोटापा, डायबिटीज और संबंधित मेटाबॉलिक बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को सुलभ और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित उपचार उपलब्ध कराना तथा दीर्घकालिक स्वास्थ्य और रोगों की रोकथाम को बढ़ावा देना है।”
नव स्थापित क्लिनिक में मेडिकल वेट लॉस प्रोग्राम, डाइट और लाइफस्टाइल काउंसलिंग, मोटापे के जोखिम का आकलन, डायबिटीज प्रबंधन और लंबे समय तक वजन नियंत्रण से संबंधित सेवाएं उपलब्ध होंगी।
बता दें, लिवासा हॉस्पिटल्स उत्तर भारत का एक प्रमुख मल्टी-स्पेशियलिटी हेल्थकेयर नेटवर्क है, जिसमें 750 से अधिक बेड, 40 से अधिक विशेषज्ञताओं में 250 से अधिक अनुभवी डॉक्टर कार्यरत हैं। क्लिनिकल उत्कृष्टता, आधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित सेवाओं पर विशेष ध्यान देते हुए लिवासा हॉस्पिटल्स क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को लगातार मजबूत कर रहा है। लिवासा हॉस्पिटल, अमृतसर आधुनिक बुनियादी ढांचे, अनुभवी चिकित्सकों और विशेष स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से व्यापक एवं उन्नत चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इंटीग्रेटेड डायबिटीज, मोटापा एवं वेट क्लिनिक की शुरुआत अस्पताल की निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने और मरीजों को व्यक्तिगत तथा वैज्ञानिक उपचार के माध्यम से बेहतर और स्वस्थ जीवन प्रदान करने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।

